हाडोती चौहान वंश (Hadoti Chauhan Vansh)

राजस्थान के दक्षिणी पूर्वी भाग को हाड़ौती के नाम से जाना जाता है। हाडोती में वर्तमान बूंदी ,कोटा, बारा क्षेत्र आ जाते हैं महाभारत काल में यहां मीणा जाति निवास करती थी मध्यकाल में भी यहां मीणा जाति निवास करती है हाडोती में 1332 में चौहान वंश की स्थापना हुई और उनकी स्थापना देव सिंह … Read more

रणथम्भौर का चौहान वंश ( Ranthambore Chauhan Vansh )

रणथम्भौर का चौहान वंश ( Ranthambore Chauhan Vansh ) संस्थापक- गोविंद राज चौहान (पृथ्वीराज का पुत्र) स्थापना-लगभग 1192 रणथम्भौर राज्य आरंभ से ही दिल्ली सल्तनत का करदाता राज्य रहा है। गोविंदराज चौहान से लेकर जयसिंह तक लगभग सभी शासकों ने दिल्ली सल्तनत को कर दिया किंतु जय सिंह के पुत्र हम्मीर देव चौहान ने यह … Read more

अजमेर चौहान वंश (Ajmer Chauhan Vansh)

चौहानों की उत्पति के संबंध में विभिन्न मत हैं। पृथ्वीराज रासौ (चंद्र बरदाई) में इन्हें ‘अग्निकुण्ड’ से उत्पन्न बताया गया है, जो ऋषि वशिष्ठ द्वारा आबू पर्वत पर किये गये यज्ञ से उत्पन्न हुए चार राजपूत – प्रतिहार, परमार,चालुक्य एवं चौहानों (हार मार चाचो – क्रम) में से एक थे। मुहणोत नैणसी एवं सूर्यमल मिश्रण … Read more

राठौड़ वंश (Rathore clan)-Education Fact

राठौड़ों की उत्पत्ति से संबंधित मत राठौड़ों की उत्पत्ति को लेकर इतिहासकार एकमत नहीं है अनेक इतिहासकारों ने इस संबंध में अपने-अपने मत प्रस्तुत किए हैं जिसमें प्रमुख मत निम्नलिखित हैं— राजस्थान के आधुनिक इतिहासकार डॉक्टर गोपीनाथ शर्मा के अनुसार– मारवाड़ के राठौड़ राष्ट्रकूट वंश से संबंधित हैं मुहणोत नैणसी ने- इन्हें कन्नौज के जयचंद … Read more

Rajasthan Jan Jagran ( राजस्थान में जन जागरण )

Rajasthan Jan Jagran | Rajasthan Jan Jagran | राजस्थान में जन जागरण Rajasthan Jan Jagran ( राजस्थान में जन जागरण ) भील आन्दोलन ( Bhil Movement ) आंदोलन के तीन चरण- प्रथम चरण – 1883- 1920 नेतृत्व – गुरु गोविंद गिरी जन्म- बांसिया गांव (डूंगरपुर ) संज्ञा- आदिवासियों के दयानंद सरस्वती भगत आंदोलन – 1883 … Read more

आमेर का कछवाहा वंश | Kachwaha Vansh History In Hindi

आमेर का कछवाहा वंश ऐसी मान्यता है कि कछवाहा रामचंद्र के ज्येष्ठ पुत्र कुश के वंशधर थे  सूर्यमल्ल मिश्रण के अनुसार किसी कूर्म नामक रघुवंशी शासक की संतान होने से ये कूर्मवंशीय कहलाने लगे और भाषा से उन्हें कछवाहा कहा जाने लगा, जो सूर्यवंशीय क्षत्रिय है दुल्हराय – ढूढ़ाड़ राज्य की स्थापना संस्थापक – दुल्हेराय … Read more

राजस्थान के इतिहास के पुरातात्विक स्रोत

राजस्थान के इतिहास के पुरातात्विक स्रोत पुरातात्विक स्रोतों के अंतर्गत अभिलेख एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं इसका मुख्य कारण उनका तिथि युक्त एवं समसामयिक होना है जिन अभिलेखों में मात्र किसी शासक की उपलब्धियों का यशोगान होता है उसे प्रशस्ति कहते हैं अभिलेखों के अध्ययन को एपिग्राफी कहते हैं अभिलेखों में शिलालेख, स्तंभ लेख, गुहालेख, मूर्ति … Read more

मध्यकालीन राजस्थान का इतिहास | History Of Mediaeval Rajasthan

मध्यकालीन राजस्थान का इतिहास मध्यकाल में राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था से तात्पर्य मुगलों से संपर्क के बाद से लेकर 1818 ईसवी में अंग्रेजों के साथ हुई संधियों की काल अवधि के अध्ययन से है।  इस काल अवधि में राजस्थान में 22 छोटी बड़ी रियासतें थी और अजमेर मुगल सूबा था। इन सभी रियासतों का अपना … Read more

मौर्य कालीन सभ्यता और संस्कृति | मौर्य कालीन सामाजिक जीवन

मौर्य काल ( Maurya Empire ) चंद्रगुप्त मौर्य के समय से ही मौर्यों की सत्ता इस क्षेत्र में फैल गई। कोटा जिले के कणसावा गांव से मिले शिलालेख से यह पता चलता है कि वहां मौर्य वंश के राजा धवल का राज्य था बैराठ से अशोक के दो अभिलेख मिले हैं मौर्य काल में राजस्थान … Read more

Rajasthan Budget 2022-23 Important Topic Key Points of Rajasthan Budget 2022-23

Rajasthan Budget 2022-23 Important Topic Key Points of Rajasthan Budget 2022-23 : Important Points of Rajasthan Budget 2022-23 Rajasthan Budget 2022-23 Important Topic : Hello friends, welcome to all of you, we will discuss about the main points of our Rajasthan Budget 2022-23, in this article we will see about the important points of Rajasthan Budget 2022 Along … Read more